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Tuesday, November 24, 2020

" भारत या हिन्दुस्तान " इस सियासत पर क्यों सुलगी पड़ी है तथाकथित देशभक़्तों की? - रहमत हुसैन

" भारत या हिन्दुस्तान " इस सियासत पर क्यों सुलगी पड़ी है तथाकथित देशभक़्तों की? - रहमत हुसैन


बिहार विधानसभा " भारत या हिन्दुस्तान " की सियासत का गवाह बन गया है, AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तर उल ईमान ने बिहार विधानसभा में शपथ लेने से पहले हिन्दुस्तान न कह कर भारत कहने की बात की तो तथाकथित देशभक़्तों की सुलग गई और अख्तर उल ईमान साहब को पाकिस्तान जाने तक की धमकी दे दी गई।


भारत या हिन्दुस्तान - रहमत हुसैन @ Desh Rakshak News



समाजसेवी और भारतीय इंसान पार्टी के युवा नेता रहमत हुसैन ने देश रक्षक न्युज़ से बात करते हुए बिहार विधानसभा में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तर उल ईमान द्वारा हिन्दुस्तान न कह कर भारत कहने पर छिड़ी सियासत पर अख्तर उल ईमान का बचाव करते हुए बिना किसी का नाम लिए अख्तर उल ईमान पर ऊंगली उठाने वालों पर जम कर बरसे और कहा कि बिहार विधानसभा " भारत या हिन्दुस्तान " की सियासत का गवाह बन गया है, AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तर उल ईमान ने बिहार विधानसभा में शपथ लेने से पहले हिन्दुस्तान न कह कर भारत कहने की बात की तो तथाकथित देशभक़्तों की सुलग गई और अख्तर उल ईमान साहब को पाकिस्तान जाने तक की धमकी दे दी गई। 


उन्होने आगे कहा कि सवाल ये उठता है कि भारत क्या है? हिन्दुस्तान क्या है? इण्डिया क्या है? तीनों नाम ही एक ही देश के अलग अलग नाम हैं। फिर क्या फर्क पड़ता है कि इस देश को भारत कहने से अख्तर उल ईमान को हिन्दुस्तान कहने के मुकाबले ज़्यादा खुशी मिलती है या वो हिन्दुस्तान कहने की जगह भारत कहने को ज़्यादा तरजीह देते हैं, ये उनकी मर्जी है। भारत को हिन्दुस्तान न कह कर भारत कहने से संविधान का उलंघन तो नही होता या देश का अपमान तो नही होता, फिर क्यों तथाकथित देशभक़्तों की सुलग गई है?


वहीं दुसरी तरफ ये सवाल भी उठता है कि इन तथाकथित देशभक़्तों की तब क्यों नही सुलगती जब लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले हमारे इस देश भारत या हिन्दुस्तान को हिन्दुस्तान न मान कर कुछ कट्टरपंथी इसे हिन्दुस्थान कहते हैं? तब उन तथाकथित देशभक़्तों की क्यों नही सुलगती जब लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले हमारे इस देश को लोकतांत्रिक व्यवस्था की धज़्जियाँ उड़ाते हुए हिन्दु राष्ट्र कहा जाता है?


क्या उन तथाकथित देशभक़्तों की तभी सुलगती है जब सामने एक मुसलमान हो? क्या उनकी तथाकथित देशभक़्ति तब हिचकोले नही मारती जब एक गैर मुस्लिम हिन्दुस्तान को हिन्दुस्थान कहता है? तब क्यों नही जब लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले हिन्दुस्तान को हिन्दु राष्ट्र कहा जाता है?


सुविधा वाली देशभक़्ति देशभक़्ति नही होती साहब सिर्फ दिखावा होती है और हमारे इस देश को दिखावे की देशभक़्ति नही चाहिए, आप अपनी दिखावे की देशभक़्ति अपने पास ही रखो, हम मुसलमानों को आप जैसे तथाकथित देशभक़्तों से देशप्रेम सिखने की जरुरत नही, हमें बेहतर पता है कि देश के साथ देशप्रेम का जज्बा क्या होता है?

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